सोमवार, 5 अप्रैल 2010

मछली पकड़ते हुए- 1



"मछली पकड़ते हुए- 1"
"अपना किनारा तो नदिया की धारा है..." 
कागज पर जलरंग (नवम्बर 2009)

7 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छी प्रस्तुति। बधाई। ब्लॉगजगत में स्वागत।

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  2. Its a paining and a beautiful painting... I hope u are a painter.

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  3. दरअसल मेरे 12 वर्षीय बेटे ने कहा था- यह पेण्टिंग है और मैने कहा था- चित्र में लड़के की शर्ट की डिजाईन देखो- कोई पेण्टर इतनी सफाई से शर्ट नहीं बना सकता. यह फोटोग्राफ है. चाहो तो पूछ लो. उसने (अभिमन्यु ने) टिप्पणी डालकर पूछा.
    .. और देखिये, एक दिन बाद पेण्टर को चित्र के नीचे लिखना पड़ा- कागज पर जलरंग.

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  4. इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  5. कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

    धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

    कलम के पुजारी अगर सो गये तो

    ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

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